एलडीए की टीमने चार दिनो में हजारों लोगों को खिलाया खाना.

कोरोना के खतरे के बीच एलडीए के कर्मचारी और अधिकारी लोगों तक मदद पहुंचाने में जुटे हैं। समय पर खाना बन जाए इसके लिए सुबह छह बजे ही कर्मचारी कम्युनिटी किचन में पहुंच जाते हैं। वहीं दान के राशन के लिए फोन आते ही उनके  पते पर पहुंच रहे हैं। यही वजह है कि चार दिन के अंदर एलडीए 59 हजार 400 से अधिक लोगों को खाना और राशन पहुंचा चुका है। एलडीए की टीम ने 28 मार्च से कम्युनिटी किचन की शुरुआत की थी। पहले दिन भले केवल एक जगह गोमतीनगर विस्तार में किचन की शुरुआत हो पाई हो। वहीं अगले ही दिन सभी पांच कम्युनिटी किचन शुरू हो गयी । इसके बाद रिकॉर्ड 20 हजार से अधिक तक लोगों को खाना एक दिन में एलडीए की टीम ने खिलाया। खुद वीसी शिवाकांत द्विवेदी और सचिव मंगला प्रसाद सिंह भी इसके लिए जुटे। उन्होंने खुद खाना बनाने और बंटाने की निगरानी की। करीब 650 लोगों की टीम एलडीए ने इस काम में लगाई है।

खाने के साथ सैनिटाइजेशन भी दिया गया.

मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह का कहना है कि केवल खाना ही काफी नहीं है। एलडीए इसके लिए अपनी कॉलोनियों को सेफ भी बना रहा है। यह काम केवल एक रात के समय में जरूरी सामान जुटाकर शुरू किया। अब भी लगातार कर्मचारी हमारे इंजीनियर की देखरेख में सैनिटाइजेशन का काम देख रहे हैं।

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में पूरी की व्यवस्था.

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान को प्रशासन ने बाहर से आने वाले लोगों के रुकने के लिए व्यवस्था किया है। ऐसे में यहां सफाई से लेकर पानी, सैनिटाइजेशन जैसे काम तुरंत करवाने थे। केयरटेकर सुदामा वर्मा खुद की चिंता न करते हुए सोमवार सुबह से ही प्रतिष्ठान में जाकर डट गए। देर शाम तक लोगों को लेकर गाड़ियां आती जाती रहीं। इस बीच उनको खाना बंटवाने तक की व्यवस्था कराई। मंगलवार सुबह फिर से पूरा प्रतिष्ठान साफ होकर लोगों के रुकने के लिए तैयार था।

कम्युनिटी किचन ही बन गया घर.

एलडीए के सहायक अभियंता विनोद कुमार गुप्ता के लिए चार दिन से कम्युनिटी किचन ही घर बन गया है। सुबह खाना बनवाओ। दोपहर में बंटाने का काम शुरू हो जाता है। शाम को फिर राशन जुटाने की कवायद शुरू होती है, जो देर रात तक चलती है। उनका कहना है कि सबसे मुश्किल काम घरवालों को मनाना था। किसी तरह उनको बताया कि उन लोगों को खाना मिलना जरूरी है जोकि पहले से ही परेशान हैं। अब परिवार को भी लगता है कि अच्छा काम कर रहे हैं।

पूरी टीम के साथ खुद रहती हैं मौजूद.

एलडीए की संयुक्त सचिव ऋतु सुहास खुद टीम के साथ जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उनका कहना है कि मेरा स्टाफ लोगों को खाना पहुंचाने के लिए दिन रात जुटा हुआ है। उनको प्रोत्साहित करने के लिए मैं खुद सुबह से मौजूद रहती हूं। सबसे ज्यादा जरूरी अपने स्टाफ के साथ खुद को भी कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाना होता है। शुरू में तो राशन भी कैसे मिलेगा, इसकी चिंता थी। अब मदद और राशन दोनों मिल रहे। लोगों के घर या प्रतिष्ठान से मैं ये मेरी टीम जाकर राशन उठाते हैं।

इनकी निगरानी में हो रहा काम.

ई-रिक्शा से लोगों को पैकेट का भोजन वितरण किया गया। शिवाकांत द्विवेदी वीसी, मंगला प्रसाद सिंह सचिव, चक्रेश जैन अधीक्षण अभियंता, कमलजीत सिंह अधिशासी अभियंता, प्रताप शंकर मिश्र अधिशासी अभियंता

Random Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*