क्या आपमें ये बुरी आदतें नहीं हैं? आंखों की सेहत को होगा खतरा

क्या आपमें ये बुरी आदतें नहीं हैं? आंखों की सेहत को होगा खतरा

आंखें आपके शरीर का एक नाजुक हिस्सा हैं। और महत्वपूर्ण हिस्सा है। जरा सी लापरवाही हमारी आंखों को काफी नुकसान पहुंचा सकती है।

दिल्ली, 06 जुलाई : मान लीजिए आपके पास आंखें नहीं हैं या आप कुछ दिनों के लिए अपनी आंखें बंद रखना चाहते हैं। यह कैसे होगा? मैं इसके बारे में सोचता भी नहीं हूं। दरअसल, आंखें शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक हैं।हाँ शरीर के महत्वपूर्ण अंग हैं)और नाजुक हिस्सा है। क्योंकि हमारी आंखें हमारे आसपास की दुनिया को देख सकती हैं। आंखों की उचित देखभाल उतनी ही जरूरी है जितनी आंखों की रोशनी (आंख की देखभाल) समानार्थ महत्वपूर्ण। प्रदूषित वातावरण के कारण (प्रदूषित पर्यावरण) आपकी आंखों को बहुत ज्यादा नुकसान (नुकसान) होता है।

इसलिए आंखों की सेहत के लिए अपनी दिनचर्या में कुछ चीजों को करने में समय लगता है। आइए जानें कि अपनी आंखों की देखभाल करने और किसी भी तरह के नुकसान से बचने के लिए आपको किन आदतों को बदलने की जरूरत है। बुरी आदतें

घंटों तक मोबाइल, कंप्यूटर का इस्तेमाल

अगर आपको लगातार अपनी आंखों से कंप्यूटर या मोबाइल पर काम करना है, तो आंखें बहुत नाराज़ हो सकती हैं। इससे निकलने वाली रोशनी आंखों के लिए हानिकारक हो सकती है। लेकिन, अगर निलजा को काम करना है तो काम के दौरान थोड़ा ब्रेक लें और आंखें मूंद लें। बुरी आदतें

बिना मेकअप के सोएं

महिलाएं अक्सर थक जाती हैं और आंखों का मेकअप हटाकर बोर हो जाती हैं। कुछ महिलाएं आंखों का मेकअप हटाए बिना ही सो जाती हैं। यह पलकों को नुकसान पहुंचा सकता है। कई तरह के इंफेक्शन भी हो सकते हैं। बुरी आदतें

भीषण गर्मी से बेहाल

धूप में चलते समय धूप का चश्मा नहीं पहनने से सूर्य की पराबैंगनी किरणों के कारण आंखों को नुकसान हो सकता है। जब भी आप धूप में बाहर जाएं तो अच्छी क्वालिटी के सनग्लासेज पहनें। आंखों को यूवी किरणों से सुरक्षा मिलने से आंखों को कई समस्याओं से बचाया जा सकता है। बुरी आदतें

आँखें मलना

बहुत से लोगों की आदत होती है कि जब वे उठते हैं या आंखों में धूल झोंकते हैं तो अपनी आंखों को जोर से रगड़ते हैं। इससे आंखों को कुछ देर के लिए आराम मिलता है, हालांकि इससे आंखों की अंदरूनी और बाहरी त्वचा को काफी नुकसान हो सकता है। आंखों के आसपास की त्वचा नाजुक होती है और आंखों को रगड़ने पर यह क्षतिग्रस्त हो सकती है। इतना ही नहीं इससे संक्रमण की संभावना भी बढ़ जाती है।

कॉन्टैक्ट लेंस का उपयोग करते समय लापरवाही

बहुत से लोग चश्मे की जगह कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल करते हैं। कॉन्टैक्ट लेंस की सफाई की उपेक्षा करने से आंखों में संक्रमण हो सकता है। इतना ही नहीं, कई लोग बिना लेंस हटाए ही सो जाते हैं जो कि बहुत खतरनाक हो सकता है। इससे आंखों की रोशनी कम हो सकती है। ऐसा करने से ऑक्सीजन आंख के कॉर्निया तक नहीं पहुंच पाती है और अत्यधिक तनाव से काफी नुकसान हो सकता है। इसलिए अगर आपकी कुछ आदतें हैं, तो उन्हें बदलना बेहद जरूरी है। बुरी आदतें

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