गर्भावस्था के दौरान कोरोना का टीका लगवाना क्यों जरूरी है?

मोदी सरकार ने भी दी हरी झंडी; गर्भावस्था के दौरान कोरोना का टीका लगवाना क्यों जरूरी है?

गर्भावस्था के दौरान कोरोना टीकाकरण के दुष्प्रभाव नहीं होते बल्कि लाभ होते हैं।

मुंबई, 27 जून : गर्भवती महिलाओं को अब तक कोरोना की वैक्सीन (गर्भवती महिला कोरोना टीकाकरण) नहीं दिए गए। उस महिला पर लगे कोरोना के टीके की वजह से (गर्भावस्था के दौरान कोरोना टीकाकरण) और यह स्पष्ट नहीं था कि उसके गर्भ में पल रहे बच्चे के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ा या नहीं। लेकिन अब गर्भवती महिलाओं के लिए कोरोना का टीका सुरक्षित है और गर्भावस्था के दौरान कोरोना का टीका लगाया जा सकता है, केंद्र सरकार ने कहा है।

मोदी सरकार ने गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ऐसे में अब इन महिलाओं के टीकाकरण का रास्ता खुला है। सरकार ने यह भी माना है कि प्रेग्नेंसी कोरोना वैक्सीन से कोई साइड इफेक्ट नहीं होता बल्कि फायदा ही होता है।

गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण को लेकर क्या कहा सरकार ने?

आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को भी कोरोना की वैक्सीन मिल सकती है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने ऐसे दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आईसीएमआर की प्राग कोविड रजिस्ट्री में यह भी कहा गया है कि टीकाकरण गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंद होता है और उन्हें टीका लगाया जाना चाहिए।

गर्भावस्था के दौरान बच्चे को कोरोना के टीके से एंटीबॉडी मिली

अमेरिका में एक महिला ने 36 सप्ताह की गर्भावस्था में आधुनिक कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक ली। तीन सप्ताह बाद, उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। उनकी एक बेटी थी। जन्म के तुरंत बाद उसके रक्त के नमूने लिए गए। उस समय उसके खून में कोरोनावायरस के खिलाफ (SARS-CoV-2) एंटीबॉडी पाए गए। यह मामला medRxiv पर प्रकाशित हुआ था।

अमेरिका के फ्लोरिडा में अटलांटिक यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता पॉल गिल्बर्ट और चाड रुडनिक ने कहा कि मां के टीकाकरण के बाद बच्चे के शरीर में एंटीबॉडी पाए जाने का यह पहला मामला है। डॉक्टरों ने बताया कि स्तनपान कराने वाली महिला को 28 दिन बाद टीकाकरण के नियमों के मुताबिक कोरोना वैक्सीन की दूसरी खुराक दी गई।

पिछले अध्ययनों से पता चला है कि कोरोना मुक्त मां के शरीर में एंटीबॉडी अपेक्षा से कम प्लेसेंटा के माध्यम से भ्रूण तक पहुंचती हैं। लेकिन अध्ययन में पाया गया कि मां को टीका लगाने से संक्रमण का खतरा कम हो सकता है और बच्चे की रक्षा हो सकती है, उन्होंने कहा।

प्रेग्नेंसी में ऐसे है कोरोना वैक्सीन के फायदे

एक अध्ययन के अनुसार, कोरोना का टीका भ्रूण को नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि उसकी रक्षा करता है। जैसे-जैसे बच्चे की प्रतिरक्षा प्रणाली बढ़ती है, वैसे-वैसे समय से पहले जन्म का खतरा भी होता है। इतना ही नहीं अगर कोई कोरोना पॉजिटिव मां बच्चे को जन्म भी देती है तो उस बच्चे को कोरोना का खतरा कम हो जाता है।

गर्भावस्था के दौरान कोरोना टीकाकरण के बारे में स्त्री रोग विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

ऑक्सफोर्ड में एक अध्ययन के अनुसार, टीकाकरण के अच्छे परिणाम हैं। हालांकि कोरोना गर्भावस्था के दौरान होता है, लेकिन इसके दुष्प्रभाव और लक्षण कम हो जाते हैं। गर्भावस्था के दौरान टीका सुरक्षित है। वॉकहार्ट अस्पताल के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वॉकहार्ट कहते हैं, आप डॉक्टर की सलाह से टीका लगवा सकते हैं। यह बात गांधारी देवरुखकर ने न्यूज 18 लोकमत के फेसबुक लाइव पर बोलते हुए कही थी।

कोरोना की वैक्सीन लेने के बाद अगर आप प्रेग्नेंट हैं तो भी कुछ करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि भ्रूण को रहने दिया जाना चाहिए क्योंकि टीके का भ्रूण पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

 

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