चाणक्य नीति: ‘ये’ 5 चीजें हैं आर्थिक संकट के संकेत

चाणक्य नीति: ‘ये’ 5 चीजें हैं आर्थिक संकट के संकेत

आचार्य चाणक्य की नीति के अनुसार, हमें घर में कुछ परेशानी के संकेत मिलते हैं।

दिल्ली,16 जून:चाणक्य (Chanakya) उन्हें एक कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर राजनयिक, राजनयिक, अर्थशास्त्री के रूप में जाना जाता था। उनकी तीक्ष्ण बुद्धि से सभी प्रभावित थे। इसलिए कौटिल्य (कौटिल्य) बुलाया जाने लगा। नैतिकता के माध्यम से जीवन जीने के लिए जरूरी बातें बताईं। आचार्य चाणक्य: (Acharya Chanakyaकठिन समय में नीति (मुश्किल समय)व्यक्ति को साहस से व्यवहार करने की कला सिखाता है (अच्छा) और बुरी बातें (बुरी चीजें)पहचानने की क्षमता(क्षमता)आता है और शांतिपूर्ण जीवन भी (शांतिपूर्ण जीवन)जीना संभव है उस नीति के आधार पर जीवन सरल और आसान होगा। यदि आप वास्तव में एक सुखी, समृद्ध, संतुष्ट जीवन जीना चाहते हैं, तो चाणक्यनीति के अनुसार अपना जीवन व्यतीत करें।

चाणक्य नीति:

चाणक्य नीति में आचार्य चाणक्य ने बहुत सी बातों का वर्णन किया है। आचार्य चाणक्य ने जीवन में आर्थिक संकट, वैवाहिक जीवन, नौकरी, व्यापार, मित्रता, शत्रुओं को लेकर कुछ भविष्यवाणियां की हैं। आचार्य चाणक्य के सिद्धांतों का जीवन में उपयोग किया जाए तो हमारा जीवन सुखी और समृद्ध हो सकता है। चाणक्यों ने वित्तीय संकट के बारे में भविष्यवाणियां की हैं। उनके अनुसार जब किसी व्यक्ति पर आर्थिक संकट आता है तो उसके 5 लक्षण होते हैं।

तुलसी का पेड़ सुकतं

हिंदू धर्म में तुलसी का बहुत महत्व है। तुलसी के पेड़ को सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। आचार्य चाणक्य का कहना है कि घर में तुलसी के पौधे का विशेष ध्यान रखना चाहिए। आर्थिक संकट आने पर तुलसी का पेड़ सूखने लगता है।

घर में बढ़ते झगड़े

आचार्य चाणक्य का कहना है कि लक्ष्मी उस घर में कभी नहीं रहती जहां लगातार झगड़े होते रहते थे। ऐसे घर में काम बाधित होता है। जिस परिवार में लगातार असहमति और झगड़े होते हैं, वहां आर्थिक संकट होता है। इसलिए घर में वाद-विवाद न करें। नहीं तो संकट आ जाएगा।

कांच तोड़ना

घर में टूटे शीशे के शीशे आर्थिक संकट के संकेत हैं। इसलिए घर में कभी भी टूटा हुआ शीशा नहीं रखना चाहिए। इससे घर में दरिद्रता पैदा होगी।

देवताओं की पूजा नहीं होती

आचार्य चाणक्य का कहना है कि जहां पूजा नहीं होती है वहां नकारात्मक शक्तियां प्रवेश करती हैं। इससे घर में दरिद्रता आती है। घर में गलतफहमियां फैलती हैं और घर का माहौल खराब हो जाता है। इसलिए कोशिश करें कि घर में हमेशा भक्ति का माहौल बना रहे।

वयोवृद्धांचा अपमान

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जिस घर में बड़ों का अपमान होता है। लक्ष्मी उस घर में कभी नहीं रुकती। इसलिए घर में बड़ों का सम्मान करें।

(अस्वीकरण: इस लेख में विवरण और निर्देश सामान्य जानकारी पर आधारित हैं। newshinditv.in इसकी पुष्टि नहीं करता है। इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।)

 

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