चाणक्य नीति: शब्दों की मिठास, स्वभाव में नम्रता आपको अमीर बनाएगी

चाणक्य नीति: शब्दों की मिठास, स्वभाव में नम्रता आपको अमीर बनाएगी

आचार्य चाणक्य ने भी कहा है कि जीभ पर चीनी हमेशा रखनी चाहिए। तभी सबका मन जीता जा सकता है।

दिल्ली,17 जून : चाणक्य (Chanakya) उन्हें एक कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर राजनयिक, राजनयिक, अर्थशास्त्री के रूप में जाना जाता था। उनकी तीक्ष्ण बुद्धि से सभी प्रभावित थे। इसलिए कौटिल्य (कौटिल्य) बुलाया जाने लगा। नैतिकता के माध्यम से जीवन जीने के लिए जरूरी बातें बताईं। आचार्य चाणक्य: (Acharya Chanakyaकठिन समय में नीति (मुश्किल समय)व्यक्ति को साहस से व्यवहार करने की कला सिखाता है (अच्छा) और बुरी बातें (बुरी चीजें)पहचानने की क्षमता(क्षमता)आता है और शांतिपूर्ण जीवन भी (शांतिपूर्ण जीवन)जीना संभव है उस नीति के आधार पर जीवन सरल और आसान होगा। यदि आप वास्तव में एक सुखी, समृद्ध, संतुष्ट जीवन जीना चाहते हैं, तो चाणक्यनीति के अनुसार अपना जीवन व्यतीत करें।

चाणक्य नीति में आचार्य चाणक्य ने बहुत सी बातों का वर्णन किया है। आचार्य चाणक्य ने जीवन में आर्थिक संकट, वैवाहिक जीवन, नौकरी, व्यापार, मित्रता, शत्रुओं को लेकर कुछ भविष्यवाणियां की हैं।

चाणक्य कहते हैं कि हर किसी को अपनी आदतों के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए। आपकी कुछ बुरी आदतें आपके लिए परेशानी का कारण बन रही हैं। बुरी आदतें अच्छी आदतों की तुलना में लोगों को जल्दी आकर्षित करती हैं और इनसे छुटकारा पाना मुश्किल होता है। आचार्य चाणक्य में अच्छी आदतें रखने वाले को जीवन में मान सम्मान और सफलता मिलती है। इसके अलावा, अच्छे गुणों से प्राप्त सफलता और सम्मान लंबे समय तक बना रहता है। इसलिए, भले ही बुरी आदतें हमारे आत्म-सम्मान को बढ़ाती हैं, वह सम्मान अधिक समय तक नहीं रहता है। इसलिए व्यक्ति को अधिक से अधिक अच्छे गुण प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए।

 

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि अच्छी आदतों के साथ मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है। इसके अलावा अगर हम अच्छा व्यवहार करेंगे तो लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहेगी। आइए जानते हैं आचार्य चाणक्य द्वारा बताई गई अच्छी आदतों के बारे में।

शब्दों में मिठाईया

आचार्य चाणक्य के अनुसार सोच समझकर बोलना चाहिए। आपको अन्य लोगों के प्रति जो सहायता प्रदान करते हैं, उसमें आपको अधिक भेदभावपूर्ण होना होगा। मीठी बातें हर किसी का दिल जीत सकती हैं। इससे लोगों के बीच हमारा सम्मान बढ़ता है। अगर कोई आपके साथ बुरा व्यवहार भी करता है, तो भी आपको उससे दयालु शब्दों में बात करनी चाहिए। मीठा बोलने वाले को भी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। इसके विपरीत उनमें अहंकार होता है, दूसरों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले लोगों को कभी सम्मान नहीं मिलता।

विनम्रता

आचार्य चाणक्य के अनुसार स्वभाव में विनम्रता होनी चाहिए। विनम्र व्यक्ति का प्रभाव सभी को महसूस होता है। हर कोई उनके साथ रहना चाहता है। सभी की तरह विनम्र लोग, ऐसे लोगों के दुश्मन कम होते हैं। विनम्र लोग अपने सभी कामों को सफल बना सकते हैं। (अस्वीकरण: इस लेख में विवरण और निर्देश सामान्य जानकारी पर आधारित हैं। newshindtv.in इसकी पुष्टि नहीं करता है। इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।)

 

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