बरसात के मौसम में ये 5 बीमारियां हो जाती हैं जानलेवा; कैसे बचाएं?

बरसात के मौसम में ये 5 बीमारियां हो जाती हैं जानलेवा; कैसे बचाएं?

बरसात के मौसम में हर तरफ उमस भरे वातावरण और उमस के कारण वायरल संक्रमण की आशंका रहती है।

बरसात

नई दिल्ली, 08 जुलाई: बारिश के मौसम में बदले मौसम की वजह से (बदला हुआ मौसम बरसात का मौसम) सर्दी-खांसी जैसी बीमारियां (बीमारी) बढ़ रहे हैं। अब बारिश में कोरोना (कोरोना) फैलने के डर के लिए खुद की और अपने परिवार की देखभाल करने की भी आवश्यकता होती है। बरसात के मौसम में आर्द्र जलवायु में (आर्द्र वातावरण) और जगह-जगह नमी के कारण वायर इंफेक्शन (विषाणुजनित संक्रमण) बढ़ने की संभावना है। कुछ बीमारियों का डर बढ़ जाता है। मानसून में एक ही स्थान पर जल संचय कर मच्छरों का प्रजनन (मच्छरों का प्रजनन) अधिक मात्रा में था। इसके अलावा अन्य वायरस, कीटाणु, कीटाणु, गंदगी के कारण बैक्टीरिया bacteria (जीवाणु) बढ़ने लगते हैं। यह आपके शरीर को प्रभावित कर सकता है। उसमें इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक शक्ति) कमजोरी जल्दी बीमारी का कारण बन सकती है। जानिए बरसात के मौसम में कौन-कौन से रोग होते हैं।

बारिश में बरसती हैं कई बीमारियां होसकती है

पीला बुखार

पीला बुखार मच्छर के काटने से होता है। यह एक वायरल संक्रमण है। यह रोग जीनस एडीज एजिप्टी (स्टिगोमिया फासिआटा) के मच्छर के काटने से होता है। पीत ज्वर के कारण रोगियों में पीलिया हो जाता है। लीवर के कार्य को प्रभावित करता है।

 

आंत्र ज्वर

अन्य बीमारियों की तुलना में मानसून के दौरान टाइफाइड का खतरा अधिक होता है। दूषित पानी और भोजन से रोग होने का भय बना रहता है। तेज बुखार और पेट दर्द, सिरदर्द, शरीर में दर्द, पेट खराब होने से छुटकारा पाने में असमर्थता। टाइफाइड में दिखाई देते हैं ये लक्षण इसलिए बरसात के मौसम में साफ-सफाई पर ध्यान दें और उबला पानी पिएं।

डेंगी

बरसात के मौसम में डेंगू के मच्छर भी पनपते हैं। इससे डेंगू का डर बना रहता है। डेंगू से पीड़ित व्यक्ति के शरीर और जोड़ों में दर्द होता है। इसके अलावा, यह ठंडा और गर्म हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार मादा एडीज मच्छर के काटने के 3 से 14 दिनों के भीतर ये लक्षण दिखाई देते हैं इसलिए सावधान रहें कि आपके क्षेत्र में पानी जमा न हो।

 

मलेरिया

मलेरिया एक जानलेवा बुखार है। बुखार एक एनीफिलीज मच्छर के पूर्व काटने के कारण होता है। मलेरिया से पीड़ित व्यक्ति को सर्दी और बुखार हो जाता है। बुखार कभी-कभी 101 से 105 डिग्री फ़ारेनहाइट तक हो सकता है। मलेरिया के लक्षणों में जिगर की सूजन, सांस की तकलीफ, सिरदर्द, पेट दर्द, उल्टी, चक्कर आना, दस्त और एनीमिया शामिल हैं।

 

चिकनगुनिया

एडीज मच्छर के काटने से भी चिकनगुनिया हो सकता है। चिकनगुनिया के लक्षण डेंगू के समान ही होते हैं। इसलिए जल्दी ध्यान न दें। चिकनगुनिया से थकान, तेज बुखार और जोड़ों में असहनीय दर्द होता है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि मच्छर घर में प्रवेश न करें। बरसात के मौसम में दरवाजे और खिड़कियां ठीक से बंद करनी चाहिए।

 

 

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