वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन क्लासेस से बढ़ा आंखों का तनाव, आजमाएं ये उपाय

वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन क्लासेस से बढ़ा आंखों का तनाव, आजमाएं ये उपाय

स्क्रीन टाइम बढ़ने के कारण डिजिटल आई स्ट्रेन एक समस्या है। इससे आंखों को स्थायी नुकसान हो सकता है।

डिजिटल आई स्ट्रेन का शिकार

नई दिल्ली, 21 जुलाई : कोरोना के प्रकोप के कारण लोग पिछले 2 साल से वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं (घर से काम) और वे ऑनलाइन क्लासेज के चलते काम में व्यस्त हैं। लगातार आने-जाने और मोबाइल देखने की वजह से स्क्रीन टाइम पहले से कई गुना ज्यादा बढ़ गया है। जिससे डिजिटल आई स्ट्रेन का खतरा भी बढ़ जाता है। स्क्रीन के कारण होने वाले आई स्ट्रेन को डिजिटल आई स्ट्रेन कहा जाता है।

डिजिटल आई स्ट्रेन के कारण आंखों में दर्द, लालिमा, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, धुंधली दृष्टि और गर्दन में दर्द होता है। आइए देखें कि कैसे हम खुद को डिजिटल आई स्ट्रेन से बचा सकते हैं।

20-20-20 नियम का पालन करें

अगर आप स्क्रीन के सामने बैठकर काफी समय बिताते हैं, तो 20-20-20 नियम का पालन करें। 20 मिनट तक स्क्रीन पर काम करने के बाद 20 फीट की दूरी देखें और फिर 20 सेकेंड के लिए आराम करें। अपनी आँखें बंद करो और अपनी आँखों को आराम दो।

योग्य अंतर आवश्यक

स्क्रीन और आंखों के बीच उचित दूरी बनाए रखना महत्वपूर्ण है। कम से कम 1 फुट की दूरी जरूरी है। त्वचा के लिए आंखों से छोटा होना बेहतर है।

सही रोशनी में काम करें

अगर आप अंधेरे कमरे में काम कर रहे हैं तो स्क्रीन की रोशनी से आपकी आंखों पर बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए काम करते समय कमरे में पर्याप्त रोशनी रखें।

एयर क्‍वालिटीका सावधान रहे

जहां आप काम कर रहे हैं वहां पोलुश की समस्या नहीं होनी चाहिए। इससे आंखों में अधिक जलन हो सकती है। सुरक्षात्मक चश्मे का प्रयोग करें अगर आपको मोबाइल और लैपटॉप पर ज्यादा काम करना है तो आई प्रोटेक्टर ग्लासेज का इस्तेमाल करें। इससे आंखों का तनाव कम होता है।

 

News Hindi TV

Latest hindi News Portal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *