शादी से पहले दूल्हे और दुल्हन के लिए 7 मेडिकल टेस्ट हैं जरूरी

शादी से पहले दूल्हा और दुल्हन के लिए 7 मेडिकल टेस्ट हैं जरूरी

नई दिल्ली, 13 सितंबर: हमारी भारतीय संस्कृति में विवाह का विशेष महत्व है। विवाह समारोह के दौरान पुत्र-पुत्री की कुण्डली का मिलान करना आवश्यक है। अगर पत्रिका मेल नहीं खाती है, तो वह शादी नहीं करती है। हालांकि ऐसे कई उदाहरण हैं जहां मैगजीन का मिलान होने पर भी शादी टिकती नहीं है, आज भी कई लोग मैगजीन का मिलान किए बिना शादी करने के लिए राजी नहीं होते हैं।

दूल्हे और दुल्हन

शादी को टिकने के लिए, जोड़े को मानसिक और शारीरिक रूप से पूरक होना चाहिए। इसके लिए दूल्हा-दुल्हन को शादी से पहले कुछ मेडिकल टेस्ट करवाना जरूरी है, लेकिन आज भी इस मामले में काफी डिप्रेशन है। शादी के बाद किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए दूल्हा और दुल्हन को कम से कम पांच मेडिकल टेस्ट कराने होंगे। आइए अब पता करते हैं।

शादी करने से पहले ये 7 मेडिकल टेस्ट : Here are 7 medical tests before getting married

1. एचआईवी परीक्षण (HIV Test):

यदि एक लड़का या लड़की एचआईवी से संक्रमित है, तो दूसरे का जीवन पूरी तरह से बर्बाद हो सकता है। इसलिए दूल्हे और दुल्हन को शादी से पहले एचआईवी की जांच करवाना बहुत जरूरी है। इससे धोखाधड़ी पर रोक लगेगी। जीवन बर्बादी से बच जाएगा।

2. ओव्हरी टेस्ट (Ovary Test) :

आजकल लड़कियों की शादी काफी उम्र में हो जाती है। ऐसे में लड़की को अपना ओवरी टेस्ट जरूर करवाना चाहिए। उम्र के साथ, लड़कियों में ओव्यूलेशन कम हो जाता है, और लड़कों को गर्भधारण करने में कठिनाई हो सकती है। यह एक महिला की मां बनने की क्षमता को भी समझा सकता है। इसलिए देर से शादी करने वाली लड़कियों के लिए ओवरी टेस्ट कराना जरूरी है।

3. बांझपन परीक्षण (Infertility test) :

शादी से पहले बच्चों के लिए बांझपन की स्थिति और शुक्राणुओं की संख्या का परीक्षण करना भी महत्वपूर्ण है। यह बच्चा पैदा करने के बारे में निर्णय लेने में मदद करता है। यह परीक्षण यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि गर्भावस्था के दौरान कोई जटिलता न हो। शादी से पहले इस टेस्ट को करने से कोई परेशानी होने पर समय पर इलाज मिलना भी संभव है।

4. आनुवंशिक परीक्षण (Genetic Test) :

शादी से पहले, बेटे और बेटी दोनों को उनकी आनुवंशिकता के लिए परीक्षण करने की आवश्यकता होती है। यह परीक्षण यह सुनिश्चित करेगा कि आपके भावी जीवनसाथी को कोई आनुवंशिक विकार तो नहीं है। अगर कोई बीमारी थी, तो उसका समय पर इलाज संभव था।

5. एसटीडी परीक्षण (STD testing) :

शादी के बाद यौन संचारित रोगों से बचाव के लिए एसटीडी टेस्ट करवाना बहुत जरूरी है। क्योंकि एसटीडी एक यौन संचारित रोग है।

6. रक्त समूह संगतता परीक्षण (Blood group compatibility test):

यदि दोनों पति-पत्नी का ब्लड ग्रुप एक-दूसरे के अनुकूल नहीं है, तो गर्भावस्था के दौरान समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। दोनों के ब्लड ग्रुप में एक ही आरएच फैक्टर होना चाहिए। इसलिए शादी से पहले ब्लड ग्रुप की जांच जरूरी है।

7. रक्त विकार परीक्षण (Blood disorder test) :

शादी से पहले लड़कियों का ब्लड डिसऑर्डर टेस्ट कराना होता है। यह बता सकता है कि आपको हीमोफिलिया या थैलेसीमिया है या नहीं। इसका सीधा असर संतान और वैवाहिक जीवन पर पड़ता है। शादी से पहले यह टेस्ट जरूरी है।

शादी को जिंदा रखने के लिए आजकल बच्चों का मेडिकल टेस्ट बहुत जरूरी है। इसलिए, भविष्य की समस्याओं से बाहर निकलने का रास्ता खोजना संभव है। बाद के विवादों, विवाह टूटने से बचा जा सकता था।

टोक्यो पैरालिंपिक: भाला फेंक में विश्व रिकॉर्ड के साथ सुमित का स्वर्ण पदक

News Hindi TV

Latest hindi News Portal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *