बरसात के मौसम में बढ़ाएं रोग प्रतिरोधक क्षमता

बरसात के मौसम में बढ़ाएं रोग प्रतिरोधक क्षमता, दौड़ें बीमारी; यह आहार होना चाहिए

नया दिल्ली, 24 अगस्त : बारिश में (मानसून) कीचड़, नमी, नमी के कारण जीव हर जगह पनपते हैं। रोग फैलाने वाले कीटाणुओं के अलावा (रोगाणु) पैदा हुए थे। दूषित पानी, बढ़ते मच्छर बीमारियों का कारण बनते हैं। बारिश में लगातार मौसम में (वातावरण) परिवर्तन होता रहता है। कभी अचानक गर्म (गरम) यह महसूस करना कि हमारे पास भावनात्मक रूप से ‘रन आउट गैस’ है (सर्दी) इसलिए बार-बार बीमार होने का खतरा रहता है इसलिए इस दौरान अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें (स्वास्थ्य देखभाल) लेना है।
रास्ते को आसान बनाने में मदद करने के लिए यहां कुछ चीजें देखने और रणनीतियां दी गई हैं। बारिश शुरू होने से पहले घर की सफाई कर लेनी चाहिए। खाली बर्तन गार्ड में, छत पर, आंगन में नहीं रखना चाहिए। इसमें पानी जमा होने से मच्छर पैदा होते हैं। बाहर से मंगवाई गई सब्जियों और फलों को धो लें। बाहर के खाने से परहेज करें। इन चीजों को करने से होती है बीमारी (बीमारी से बचना) है आता है। इसके अलावा, आपको ऐसा आहार खाना चाहिए जो बीमारी को रोकने के लिए आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाए।
प्रतिरोधक क्षमता

आहार में होना चाहिए कुछ पदार्थ

बरसात के मौसम में पाचन क्रिया कमजोर हो जाती है। इसलिए ऐसा आहार लें जो पचने में आसान हो। बरसात के मौसम में पचने में मुश्किल भोजन करने से पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। अपच, दस्त हो सकते हैं। इसलिए हल्का आहार लें। रंगीन फल और सब्जियां शामिल करें। सब्जियां और फल जैसे गाजर, पपीता, नाशपाती, अजवायन, शिमला मिर्च, खट्टे फल, अनार, स्ट्रॉबेरी खाएं।

 

स्ट्रीट फूड न खाएं


बहुत से लोग स्ट्रीट फूड खाना पसंद करते हैं। जब आप पानीपुरी, भाजी, सैंडविच, मोमोज के स्टॉल देखते हैं, तो आप वहां कदम रखते हैं। हालांकि खुले में खाने से सबसे ज्यादा बीमारी बरसात के मौसम में होती है। जरूरी नहीं कि इस भोजन को बनाने में अच्छी गुणवत्ता वाले भोजन और पानी का उपयोग किया गया हो। बरसात के मौसम में दूषित पानी पीलिया जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है। इसलिए बरसात के मौसम में स्ट्रीट फूड से परहेज करें। इसके विपरीत, यदि वांछित है, तो इसे घर पर तैयार और खाया जाना चाहिए।

 

खूब पानी पिए


गर्मी की तुलना में बरसात के मौसम में प्यास कम होती है। इसलिए पानी की खपत कम होती है। इससे शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है। इसलिए, बारिश के कारण ठंडा होने पर भी खूब पानी पिएं और आपको प्यास न लगे। अगर आप पानी पीते-पीते थक गए हैं तो आप नींबू पानी, नारियल पानी, जूस भी ले सकते हैं।

 

ठंडे भोजन से बचें


बरसात के मौसम में मौसम में कई तरह के बदलाव होते हैं। कभी कम वर्षा से तापमान में वृद्धि होती है, तो कभी लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आती है। इसलिए बरसात के मौसम में दही, आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक जैसे ठंडे पदार्थ नहीं खाने चाहिए। इसके अलावा बरसात के मौसम में खाना पकाने के तेल का इस्तेमाल करना चाहिए। तिल, मूंगफली, नारियल तेल और जैतून के तेल का प्रयोग करें। आप सरसों का तेल भी खा सकते हैं। भोजन में बहुत अधिक मिर्च नहीं होनी चाहिए। मसालेदार, मसालेदार खाना खाने से पेट खराब हो सकता है। रोटी की जगह रोटी खाओ। रोटी पचने में आसान होती है। दिन में दो बार हर्बल टी या अदरक की चाय पिएं।

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