बैंक लॉकर्स के लिए नए नियम

बैंक लॉकर्स के लिए नए नियम, आरबीआई ने की गाइडलाइंस की घोषणा

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को बैंकों में लॉकर को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए। नए बैंक लॉकर नियम 1 जनवरी, 2022 से प्रभावी होंगे।

भारतीय रिजर्व बैंक

अगर आप बैंक लॉकर का इस्तेमाल करते हैं तो यह आपके लिए जरूरी खबर है। अगले साल से बैंक लॉकर को लेकर नियम बदल जाएंगे। दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को बैंकों में लॉकर को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की। बैंक लॉकर के लिए नए नियम 1 जनवरी, 2022 से लागू होंगे।

आरबीआई ने बुधवार को बैंकों को लॉकर आवंटन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। नए नियम के अनुसार, बैंक शाखाओं के अनुसार लॉकर आवंटन की जानकारी और बैंकों की प्रतीक्षा सूची को कोर बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा। दिशानिर्देशों में कहा गया है कि बैंकों को लॉकर आवंटन के लिए सभी आवेदनों को मंजूरी देनी होगी। लॉकर अलॉटमेंट के लिए उपलब्ध नहीं होने पर बैंकों को ग्राहकों को वेटिंग लिस्ट नंबर देना होगा।

नए दिशानिर्देशों के अनुसार, बैंक के मौजूदा ग्राहक जिन्होंने लॉकर सुविधा के लिए आवेदन किया है और जो सीडीडी (कस्टमर ड्यू डिलिजेंस) के मानकों का पूरी तरह से अनुपालन करते हैं, उन्हें सुरक्षित जमा लॉकर / सुरक्षित अभिरक्षा लेख का पालन करके सुविधा दी जा सकती है। अनुसरण करता है। नए नियम के मुताबिक सेफ डिपॉजिट लॉकर/ सेफ कस्टडी आर्टिकल की सुविधा उन ग्राहकों को दी जा सकती है, जिनका बैंक से कोई अन्य बैंकिंग संबंध नहीं है।

आरबीआई ने कहा कि बैंक लॉकर समझौते में एक क्लॉज शामिल करेंगे जो ग्राहकों को गारंटी देगा कि लॉकर में कोई भी अवैध या खतरनाक पदार्थ नहीं रखा जाएगा। सुरक्षित जमा लॉकर में अवैध या खतरनाक पदार्थ जमा करने का संदेह होने पर बैंक किसी भी ग्राहक के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखता है।

रिजर्व बैंक के नए नियमों के तहत, बैंक कर्मचारियों द्वारा आग, चोरी, इमारत गिरने या धोखाधड़ी के मामले में बैंकों की देनदारी उसके वार्षिक किराए के 100 गुना तक सीमित होगी। यदि ग्राहक द्वारा लगातार तीन वर्षों से लॉकर किराए का भुगतान नहीं किया गया है, तो बैंक उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए कोई भी लॉकर खोल सकता है।

वैश्वीकरण के वर्तमान युग में बैंकों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। आम लोगों के जीवन में बैंकों का बहुत महत्व है। घरेलू से लेकर अंतरराष्ट्रीय लेनदेन तक हर चीज में बैंक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लोग अपनी चल संपत्ति को अपने घरों में रखने से कतरा रहे हैं।

इतना ही नहीं हम कैशलेस इकॉनमी की ओर बढ़ रहे हैं। गौरतलब है कि बैंकिंग संस्थानों के लिए लॉकर सेवाएं अनिवार्य हो गई हैं। रिजर्व बैंक द्वारा घोषित नए नियम उपभोक्ताओं और बैंकों के लिए काफी अहम होंगे।

 

Diabetes Care: अपने रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने के लिए इन खाद्य पदार्थों का सेवन करें

News Hindi TV

Latest hindi News Portal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *