बरसात के मौसम में आंखों में इंफेक्शन का डर ज्यादा रहता है

बरसात के मौसम में आंखों में इंफेक्शन का डर ज्यादा रहता है। इस विधि का ध्यान रखें

आंखों में इंफेक्शन

नया दिल्ली, 25  अगस्त : जब बारिश होती है तो सबसे ज्यादा राहत बढ़ती गर्मी से मिलती है (तपिश). गर्मियों के बाद से(ग्रीष्म ऋतु)यह सच है कि इससे निजात तो मिलती है, लेकिन साथ ही बीमार होने का डर भी ज्यादा रहता है। बारिश में वायरल इंफेक्शन के (विषाणुजनित संक्रमण) भय होता है। इसके अलावा, मक्खियों और मच्छरों के बढ़ते प्रजनन के कारण, सर्दी-खांसी (ठंड लगना) ऐसी बीमारियां होती हैं। इसके अलावा, दूषित पानी पीलिया और हैजा का कारण बन सकता है। साथ ही आंखों में संक्रमण (आंख का संक्रमण) होने का डर। यह संक्रमण आंखों को परेशान कर सकता है, जो शरीर का बहुत ही नाजुक हिस्सा होता है। इसलिए संक्रमण से बचाव के लिए कुछ जरूरी चीजें हैं। आइए जानें कि क्या करना है।

नेत्र स्वच्छता


बरसात के मौसम में नमी होती है। इसलिए आंखों की साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए। अपना चेहरा दिन में दो बार धोएं। इससे आंखों में जमा गंदगी निकल जाती है और आंखें साफ रहती हैं।

पूरी नींद


अगर आप आंखों के संक्रमण से बचना चाहते हैं, तो आपको पर्याप्त नींद लेने की जरूरत है। इससे आंखों की थकान कम होती है। शरीर के अन्य अंगों के साथ-साथ आंखें दिन भर काम करती हैं। ऐसे में उन्हें पूरी राहत मिलनी चाहिए।

धूल और ठंडी हवा से बचने की कोशिश करें


वातावरण में धूल-मिट्टी भी आंखों में संक्रमण का एक कारण है। उमस भरा मौसम धूल के कणों को और खतरनाक बना सकता है। इसलिए आंखों को धूल और ठंडी हवा से दूर रखना चाहिए। बाहर जाते समय गॉगल्स पहनें। फेस शील्ड का इस्तेमाल आजकल भी किया जाता है।

कंप्यूटर और मोबाइल


मौजूदा हालात में मोबाइल और कंप्यूटर का इस्तेमाल बढ़ गया है। काम के सिलसिले में भी आपको काफी समय कंप्यूटर लैपटॉप पर बिताना पड़ता है। कंप्यूटर, मोबाइल और लैपटॉप पर काम करते हुए थोड़ा ब्रेक लेने से आंखों को आराम मिलता है।

सौंदर्य प्रसाधनों से बचें


बरसात के मौसम में आंखों के रोग तेजी से बढ़ते हैं। ऐसे में बचाव के लिए कॉस्मेटिक्स का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, दूसरों द्वारा उपयोग किए जाने वाले सौंदर्य प्रसाधनों से बचना चाहिए।

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